नवजात शिशु की कुंडली कैसे बनाएं: राशि, नक्षत्र और नामाक्षर

प्रकाशित

इस लेख में
  1. क्या जानकारी चाहिए
  2. चरण 1: कुंडली बनाएं
  3. चरण 2: राशि और नक्षत्र
  4. चरण 3: नाम का पहला अक्षर (नामाक्षर)
  5. चरण 4: जन्म की दशा
  6. गंड मूल नक्षत्र: सच क्या है
  7. लिखित रिपोर्ट चाहिए?

नवजात शिशु की कुंडली बच्चे की जन्म तिथि, समय और स्थान से बनती है। परिवार इसे मुख्य रूप से तीन कामों के लिए बनवाते हैं: बच्चे की राशि और नक्षत्र जानना, नामकरण के लिए नाम का पहला अक्षर, और कुंडली की पहली झलक।

क्या जानकारी चाहिए

जानकारी कहाँ से लें क्यों ज़रूरी
जन्म तिथि जन्म प्रमाण पत्र ग्रहों की स्थिति
सही जन्म समय अस्पताल का डिस्चार्ज कार्ड या रिकॉर्ड लग्न और भाव, जो हर 2 घंटे में बदलते हैं
जन्म स्थान शहर या कस्बा समय क्षेत्र और उदय राशि

याद से बताया समय नहीं, अस्पताल में लिखा समय इस्तेमाल करें।

चरण 1: कुंडली बनाएं

बच्चे के विवरण से मुफ़्त कुंडली बनाएं। इसमें लग्न, चंद्र राशि, नक्षत्र और चरण, ग्रहों की स्थिति और जन्म की विंशोत्तरी दशा दिखेगी।

चरण 2: राशि और नक्षत्र

चंद्रमा की राशि बच्चे की राशि है और चंद्रमा का नक्षत्र बच्चे का जन्म नक्षत्र। हर नक्षत्र का स्वामी और स्वभाव जानने के लिए देखें 27 नक्षत्रों की सूची।

चरण 3: नाम का पहला अक्षर (नामाक्षर)

हर नक्षत्र के चार चरण हैं और हर चरण का एक अक्षर:

नक्षत्र चरण 1 चरण 2 चरण 3 चरण 4
अश्विनी चू चे चो ला
रोहिणी ओ वा वी वू
पुष्य हू हे हो डा
हस्त पू ष ण ठ
श्रवण खी खू खे खो
रेवती दे दो चा ची

सभी 108 अक्षर राशि के अनुसार नाम से राशि चार्ट में दिए गए हैं।

चरण 4: जन्म की दशा

बच्चा अपने नक्षत्र स्वामी की विंशोत्तरी दशा में जन्म लेता है। जैसे रोहिणी में चंद्रमा हो तो चंद्र की दशा, पुष्य में हो तो शनि की दशा।

गंड मूल नक्षत्र: सच क्या है

अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल और रेवती जल राशि (कर्क, वृश्चिक, मीन) और अग्नि राशि (सिंह, धनु, मेष) के मिलन पर हैं। परंपरा में इनमें जन्मे बच्चे के लिए मूल शांति पूजा बताई जाती है, आम तौर पर 27वें दिन, जब चंद्रमा फिर उसी नक्षत्र में आता है।

लगभग हर 9 में से 2 बच्चे इन नक्षत्रों में जन्म लेते हैं, यानी यह बहुत आम है। यह पारिवारिक रिवाज़ है, किसी नुकसान की भविष्यवाणी नहीं। चिंता या भारी खर्च की कोई ज़रूरत नहीं।

लिखित रिपोर्ट चाहिए?

हमारी नवजात शिशु कुंडली रिपोर्ट (₹199) बच्चे की कुंडली को आसान हिंदी या अंग्रेज़ी में समझाती है, नक्षत्र के नामाक्षरों के साथ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बच्चे की कुंडली के लिए क्या जानकारी चाहिए?

जन्म तिथि, सही जन्म समय (अस्पताल के रिकॉर्ड से) और जन्म स्थान। समय सबसे ज़रूरी है, क्योंकि लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है।

कुंडली से बच्चे के नाम का अक्षर कैसे निकालें?

कुंडली में बच्चे का चंद्र नक्षत्र और चरण देखें। हर चरण का एक अक्षर होता है। जैसे रोहिणी के चार चरणों के अक्षर हैं: ओ, वा, वी, वू।

गंड मूल नक्षत्र क्या है?

अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल और रेवती गंड मूल नक्षत्र हैं। इनमें जन्म होने पर परंपरा में मूल शांति पूजा कराई जाती है, अक्सर 27वें दिन। यह एक रिवाज़ है, अशुभ होने का संकेत नहीं।

ज्योतिष एक पारंपरिक मान्यता है। यह लेख केवल सामान्य जानकारी और मार्गदर्शन के लिए है, चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।